Vidya.Vinay.Vivek



“
स्वयं को बेहतर बनाने के लिए अपना समय दूसरों के लेखों को पढ़ने में लगाएं, जिससे आप आसानी से वह हासिल कर सकें, जिसके लिए दूसरों ने कड़ी मेहनत की है।
– सुकरात / Socrates
“
” यदि किसी वस्तु की अति करना है तो संतुलित जीवन निर्माण की करो, केवल bank में बैलेंस होना पर्याप्त नहीं, life में भी बैलेंस का होना आवश्यक है, महात्मा बुद्ध ने भी संतुलित जीवन एवं मध्यम मार्ग का सुझाव दिया है |
– वेदभद्र “





” जो सोच सकते हैं लेकिन ये व्यक्त नहीं करते की क्या सोच रहें हैं, वो खुद को कुछ न सोच पाने वालों की जगह ही देखते हैं |
– पेरिकल्स “
